
जबलपुर। महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर आयोजित शौर्य यात्रा को लेकर सिसौदिया पैलेस में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने समाज के पदाधिकारियों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. कुंवर हरिवंश सिंह ने कहा कि शौर्य यात्रा का मुख्य उद्देश्य महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान और शिवाजी महाराज के आदर्शों से समाज को परिचित कराना है तथा क्षत्रिय समाज को संगठित कर उसकी शक्ति का प्रदर्शन करना है।

शौर्य यात्रा का उद्देश्य समाज को जागरूक करना
डॉ. हरिवंश सिंह ने कहा कि समाज को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि शौर्य यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और एकता का संदेश देने का माध्यम है।
समरसता और एकता पर दिया जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भगवान राम द्वारा शबरी के बेर स्वीकार करना सामाजिक समरसता का प्रतीक है। समाज में समानता और एकता को बढ़ावा देना आज की आवश्यकता है।

यूजीसी और शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
कार्यक्रम के दौरान यूजीसी से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े किसी भी निर्णय में सभी वर्गों की सहमति जरूरी है, अन्यथा समाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
महापौर ने समाज को जोड़ने का किया आह्वान
महापौर जगत बहादुर सिंह (अन्नू भैया) ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलना जरूरी है। उन्होंने सभी को आत्मनिर्भर बनकर समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
पुष्पांजलि एवं शब्दांजलि अर्पित
महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने पुष्पांजलि एवं शब्दांजलि अर्पित की। इस दौरान सिसौदिया पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
ये रहे प्रमुख उपस्थित लोग
कार्यक्रम में डॉ. कुंवर हरिवंश सिंह, कुलदीप सिंह सिसौदिया, जगत बहादुर सिंह (अन्नू भैया), रज्जन सिंह, शैलेन्द्र सिंह, राधवेंद्र सिंह राजू, सुखवीर सिंह भदौरिया, महेंद्र सिंह राजावत, एडवोकेट डॉ. ए.पी. सिंह, पंकज सिंह, दमयंती चौहान, कुंवर सिंह राजपूत, मनोज भदौरिया, जितेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, नागेंद्र सिंह, हाकिम सिंह, युवराज चंदेल, अर्चना सिसौदिया, सोनिया रंजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।