
राकेश कुमार शर्मा
पन्ना। श्री श्री 1008 श्री जुगल किशोर सरकार सप्तनिधि धाम मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दूसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। परमपूज्य श्री राजेंद्र दास जी महाराज ने कथा का अमृतपान कराते हुए श्रद्धालुओं को भगवान की भक्ति, सेवा और समर्पण का संदेश दिया। कथा के दौरान मंदिर परिसर हरिनाम संकीर्तन और जयघोष से गुंजायमान रहा।

हजारों श्रद्धालु ले रहे कथा श्रवण का लाभ
पूज्य श्री किशोर दास जी महाराज की पावन उपस्थिति में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री जुगल किशोर सरकार के दर्शन एवं कथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। आयोजन का संयोजन पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह द्वारा किया जा रहा है।
पन्ना साक्षात वृंदावन, श्री जुगल किशोर सरकार की विशेष कृपा
पूज्य श्री राजेंद्र दास जी महाराज ने कहा कि पन्ना कोई साधारण नगर नहीं, बल्कि साक्षात वृंदावन है। उन्होंने कहा कि जिस भक्त पर श्री जुगल किशोर सरकार की कृपा हो जाती है, उसके जीवन में किसी वस्तु का अभाव नहीं रहता। उन्होंने बताया कि श्री जुगल किशोर सरकार का दिव्य विग्रह भगवान श्रीकृष्ण के प्रपौत्र वज्रनाभ जी द्वारा स्थापित कराया गया था, जो बाद में संत श्री हरिराम व्यास जी की तपस्या से पुनः प्रकट हुआ। इसी कारण उन्हें हरिराम व्यास जी के प्रकट ठाकुर के रूप में भी जाना जाता है।
मुसाहिब जू देव की मानसी सेवा का सुनाया प्रसंग
महाराज श्री ने पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह के पूर्वज मुसाहिब जू देव का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि उन्हें भगवान की विशेष कृपा प्राप्त थी और वे मानसी सेवा के माध्यम से कहीं भी रहकर श्री जुगल किशोर सरकार के दर्शन कर लेते थे। उन्होंने भगवान के वस्त्रों में आग लगने और मानसी सेवा के दौरान उसे बुझाने के भाव से उनके हाथ जल जाने की घटना का उल्लेख करते हुए इसे भक्त और भगवान के बीच अटूट प्रेम एवं समर्पण का अद्भुत उदाहरण बताया।
पन्नावासी रोज गाएं— ‘जुगल किशोर हमारे ठाकुर’
महाराज श्री ने कहा कि पन्नावासियों को गर्व होना चाहिए कि वे श्री जुगल किशोर सरकार की पावन नगरी में निवास करते हैं। जैसे ओरछा बुंदेलखंड की अयोध्या है, वैसे ही पन्ना बुंदेलखंड का वृंदावन है। उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रतिदिन “जुगल किशोर हमारे ठाकुर” गीत गाने तथा श्री जुगल किशोर सरकार की महिमा को घर-घर और देश-विदेश तक पहुंचाने का आह्वान किया।
आरती के साथ हुआ कथा का समापन
कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से आरती में सहभागिता की और श्री जुगल किशोर सरकार के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। हजारों श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर स्वयं को धन्य महसूस किया तथा भगवान से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।