संरचना इंजीनियर होते हैं किसी भी सिविल इंजीनियरिंग स्ट्रक्चर की बैकबोन

भूमि विकास नियम 2026 के ड्राफ्ट पर इंजीनियरों ने जताई चिंता, शासन के सामने पक्ष रखने की तैयारी

जबलपुर। बिल्डिंग हो या बहुमंजिला इमारतें, सड़कें हों या टनल, पुल हों या फ्लाईओवर, डैम हों या कैनाल—सभी प्रकार के सिविल इंजीनियरिंग स्ट्रक्चर्स की डिजाइन में संरचना इंजीनियरों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। किसी भी स्ट्रक्चर की सुरक्षित और मजबूत डिजाइन उसकी मजबूती की रीढ़ होती है।

इसी विषय पर सिविल एवं स्ट्रक्चरल इंजीनियरों ने चर्चा की। अवसर था एसोसिएशन ऑफ प्रोफेशनल ग्रेजुएट सिविल इंजीनियर्स के जबलपुर सिटी चैप्टर द्वारा आयोजित जनरल बॉडी मीटिंग का।

भूमि विकास नियम 2026 के ड्राफ्ट पर जताई चिंता

बैठक में उपस्थित संरचना इंजीनियरों ने मध्य प्रदेश भूमि विकास नियम 2026 के ड्राफ्ट पर भी चर्चा की। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि नए प्रस्ताव में संरचना इंजीनियरों की सक्षमता और विशेषज्ञता को उस स्तर पर स्थान नहीं दिया गया है, जिसके वे हकदार हैं।

इंजीनियरों ने कहा कि इस विषय पर शीघ्र ही सिविल इंजीनियरिंग से जुड़ी समस्त प्रोफेशनल संस्थाओं के साथ मिलकर शासन-प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखा जाएगा।

सदस्यों को वितरित किए सदस्यता प्रमाणपत्र

संस्था अध्यक्ष डॉ. मनीष दुबे एवं जबलपुर सिटी चैप्टर तथा मध्य प्रदेश के राज्य संयोजक डॉ. संजय वर्मा ने सदस्यों को सदस्यता प्रमाणपत्र वितरित किए। इस अवसर पर इंजीनियर प्रदीप जायसवाल, दिनेश कोष्ठा, भूपेंद्र दुबे, धनेंद्र ठाकुर, आशीष स्थापक, अमित चक्रवर्ती और मोहन चौधरी उपस्थित रहे।