
जबलपुर। श्री दत्त भजन मंडल द्वारा पुरुषोत्तम मास के पावन उपलक्ष्य में 21 मई से 25 मई तक आयोजित होने वाले श्री दत्त महायज्ञ एवं धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला का शुभारंभ आज अक्षय तृतीया के मंगलमय अवसर पर यज्ञ शाला के भूमि पूजन के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा और धार्मिक उत्साह का केंद्र बन गया है।
मुख्य यजमानों के करकमलों से हुआ भूमि पूजन
इस पवित्र भूमि पूजन का मुख्य अनुष्ठान सौ. माधुरी नाजवाले एवं श्री सुनील नाजवाले (मुख्य यजमान) के शुभ हस्तों से विधि-विधानपूर्वक संपन्न हुआ। पूरे अनुष्ठान के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक वातावरण ने कार्यक्रम को दिव्यता प्रदान की।
महामंडलेश्वर ने बताया यज्ञ का महत्व
कार्यक्रम में परम श्रद्धेय महामंडलेश्वर श्री अखिलेश्वरानंद गिरी जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने उद्बोधन में दत्त यज्ञ के आध्यात्मिक महत्व और उसके लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ऐसे यज्ञ समाज में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और सद्भाव का संचार करते हैं।
ब्रह्मवृंद द्वारा संपन्न हुआ विधि-विधान
भूमि पूजन का कार्यक्रम ब्रह्मवृंद समाज के विद्वान पंडितों द्वारा संपन्न कराया गया। पं. अरुण वैद्य, पं. मुरलीधर पाळंदे, पं. मनोज तेलंग, पं. विश्वनाथ वैद्य, पं. निलेश दाभोलकर सहित अन्य आचार्यों ने वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार अनुष्ठान संपन्न कराया।
विशिष्ट जनों की उपस्थिति
इस अवसर पर संस्था के संरक्षक डॉ. माणिक पानसे एवं न्या. देवदत्त धर्माधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अध्यक्ष श्री विजय भावे, सचिव श्री शरद आठले, श्री मनीष वैद्य, डॉ. शिरीष नाईक, श्री सुधीर नाईक, श्री दिलीप सप्रे, श्री अभय गोरे, सौ. रंजना वर्तक, सौ. मनीषा भावे, सौ. स्नेहा आठले, सौ. जया चितळे, श्री श्रीपाद परांजपे सहित अनेक दत्तभक्तों की श्रद्धापूर्ण उपस्थिति रही।
श्रद्धालुओं से सहभागिता का आग्रह
श्री दत्त भजन मंडल द्वारा आयोजित इस महायज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठान में अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से सहभागी होकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया गया है। आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।