
जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने सभी को व्यथित कर दिया है। डैम में देर रात तक एसडीआरएफ और सेना की टीम जीवन बचाने के प्रयासों में जुटी रही। प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। अब तक 22 पर्यटकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, जबकि 4 शव बरामद हुए हैं। जानकारी के अनुसार, क्रूज में कुल 34 पर्यटक सवार थे। हादसे के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।
आंधी के साथ कुछ ही पल में बदला मंजर
तेज आंधी के साथ ही कुछ ही पलों में कई जिंदगियां पानी में समा गईं। घटनास्थल के पास निर्माण कार्य कर रहे श्रमिकों ने पर्यटकों की चीखें सुनते ही बिना देर किए पानी में छलांग लगाई और कई लोगों को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया, जिससे उनकी जान बच सकी। हादसे के बाद परिजन देर रात तक अपने अपनों को तलाशते रहे और घटनास्थल पर चीख-पुकार का माहौल बना रहा।
घायलों का इलाज जारी, पोस्टमार्टम आज
घटना में घायल हुए चार लोगों को मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 12 अन्य को निजी अस्पतालों में उपचार दिया जा रहा है। मृतकों के शव मेडिकल अस्पताल पहुंचा दिए गए हैं, जिनका पोस्टमार्टम शुक्रवार को किया जाएगा।
लापरवाही पर उठे सवाल
पर्यटकों के अनुसार, जब हादसे का अंदेशा हुआ तब जाकर लाइफ जैकेट पहनने के लिए कहा गया। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से क्रूज में सवार होते ही लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होना चाहिए था। क्रू में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। मौसम विभाग द्वारा तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया था, इसके बावजूद नर्मदा नदी में क्रूज का संचालन जारी रखा गया, जिससे लापरवाही के आरोप लग रहे हैं।
टार्च की रोशनी में जारी रहा सर्च ऑपरेशन
अंधेरा और बारिश के बीच एसडीआरएफ की टीम ने टार्च की रोशनी में पानी की गहराइयों में सर्च ऑपरेशन जारी रखा। सेना की टीम भी मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुट गई, जिससे राहत कार्यों को गति मिली।
कंट्रोल रूम स्थापित, हेल्पलाइन जारी
घटना के बाद सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए कलेक्टर कार्यालय में तत्काल कंट्रोल रूम स्थापित किया गया। कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 0761-2624355 जारी किया गया है। कंट्रोल रूम के इंचार्ज के रूप में वीरेंद्र सिंह को नियुक्त किया गया है।