जबलपुर में विठ्ठल भक्ति की गूंज, गढ़ा में चक्रीय आरती संपन्न, 25 जुलाई को निकलेगी वारी

जबलपुर। आषाढ़ी एकादशी के पावन पर्व के अवसर पर जबलपुर में विठ्ठल भक्ति का उल्लास चरम पर है। शहर में आयोजित 18 दिवसीय चक्रीय आरती कार्यक्रम के अंतर्गत गुलौआ गढ़ा क्षेत्र का वातावरण “विठ्ठल-विठ्ठल विठ्ठला” के जयघोष से भक्तिमय हो उठा। प्राचीन खेरमाई दुर्गा मंदिर, गुलौआ चौक में श्रद्धालुओं ने हरिनाम संकीर्तन, विठ्ठल-रखुमाई नामस्मरण और सामूहिक आरती में भाग लेकर भगवान विठ्ठल का गुणगान किया।

25 जुलाई को निकलेगी भव्य विठ्ठल वारी यात्रा

आषाढी कार्तिकी वारी महामंडल द्वारा प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी पंढरपुर (महाराष्ट्र) की तर्ज पर सामाजिक समरसता और भक्ति का संदेश देने वाली विठ्ठल वारी यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा 25 जुलाई को शाम 4 बजे दत्त मंदिर, गोलबाजार से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए विठ्ठल-रखुमाई मंदिर, राजा रसगुल्ला गली पहुंचेगी। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, भजन मंडलियां और वारकरी परंपरा से जुड़े भक्त शामिल होंगे।

18 दिवसीय चक्रीय आरती का हो रहा आयोजन

वारी यात्रा के पूर्व शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 18 दिवसीय चक्रीय आरती का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में संजीवनी नगर एवं गुलौआ गढ़ा क्षेत्र के मराठी भाषी श्रद्धालुओं ने प्राचीन खेरमाई दुर्गा मंदिर में सामूहिक रूप से हरिनाम संकीर्तन, विठ्ठल-रखुमाई नामस्मरण, पंच आरती तथा नर्मदा अष्टक का पाठ किया। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिरस से सराबोर वातावरण बना रहा।

बड़ी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु

चक्रीय आरती कार्यक्रम में स्वाति सदानंद गोडबोले, जया पागे, रंजना भास्कर वर्तक, संतोष गोडबोले, विवेक मैराल, जयू सप्रे, शरद आठले, राजेश तोपखाने वाले, हेमंत पोहरकर, विध्येश भापकर, विनय मैराल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे। सभी ने भगवान विठ्ठल से सुख-समृद्धि और समाज में सद्भाव बनाए रखने की प्रार्थना की।

14 जुलाई को प्रभात कॉलोनी से निकलेगी अगली वारी

आयोजन समिति के अनुसार 14 जुलाई को शाम 6 बजे विवेकानंद वार्ड स्थित प्रभात कॉलोनी गार्डन से अगली विठ्ठल वारी यात्रा प्रारंभ होगी। यह यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए यादव कॉलोनी स्थित गजानन मंदिर में संपन्न होगी। समिति ने सभी विठ्ठल भक्तों से शाम 6 बजे प्रभात कॉलोनी गार्डन पहुंचकर वारी में सहभागी बनने की अपील की है।

भक्ति के साथ सामाजिक समरसता का संदेश

आयोजकों का कहना है कि विठ्ठल वारी केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, प्रेम, सेवा और एकता का भी संदेश देती है। पंढरपुर की वारकरी परंपरा से प्रेरित यह आयोजन वर्षों से जबलपुर में श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया जा रहा है, जिसमें हर वर्ग और समाज के लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं।

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