
जबलपुर। शहर में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामलों में साइबर अपराधियों ने अलग-अलग बैंक खातों से रुपये निकाल लिए, जबकि एक अन्य मामले में फर्जी ऑनलाइन पेमेंट के जरिए धोखाधड़ी का प्रयास किया गया। माढ़ोताल, खमरिया और पाटन थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुआवजे की राशि में सेंध
पुलिस के अनुसार औरिया गांव के केवट मोहल्ला निवासी अजीत केवट ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उसके भाई आशीष की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद मुआवजे के रूप में चार लाख रुपये उसके बैंक खाते में जमा हुए थे। 3 जुलाई को उसके खाते से 29,999 रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गए। पीड़ित का कहना है कि न तो कोई ओटीपी आया और न ही उसने किसी लिंक पर क्लिक किया।
दूसरे खाते से निकले 1.91 लाख रुपये
खमरिया थाना क्षेत्र के मटामर निवासी हेमंत रजक ने शिकायत दर्ज कराई है कि 11 और 12 जुलाई को उनके बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 1,91,050 रुपये निकाल लिए गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर ठगी का प्रयास
पाटन थाना क्षेत्र में एक युवक ने ऑनलाइन भुगतान का फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर दुकान संचालक से धोखाधड़ी करने की कोशिश की। हालांकि दुकानदार की सतर्कता से उसका प्रयास विफल हो गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने दी सावधानी बरतने की सलाह
पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूक रहना बेहद जरूरी है। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध व्हाट्सएप फाइल या एपीके डाउनलोड न करें तथा डिजिटल भुगतान करते समय पूरी सावधानी बरतें। यदि साइबर ठगी का शिकार हों तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।