बोलावा विठ्ठल कार्यक्रम में गूंजे अभंग, मानस भवन में जय जय राम कृष्ण हरी के जयघोष से भक्तिमय माहौल

जबलपुर। रसरंग, दत्त भजन मंडळ, महाराष्ट्र शिक्षण मंडळ तथा संगीत समाज के संयुक्त तत्वावधान में मानस भवन में आयोजित “बोलावा विठ्ठल” भक्तिमय संगीत संध्या में भक्ति, संगीत और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। पंचम निषाद, मुंबई द्वारा प्रस्तुत इस विशेष कार्यक्रम में विठ्ठल भक्ति से ओतप्रोत अभंगों और भजनों की सुमधुर प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा मानस भवन “जय जय राम कृष्ण हरी” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा और श्रोता देर रात तक भक्ति रस में डूबे नजर आए।

दीप प्रज्ज्वलन से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर जगत बहादुर सिंह “अन्नू”, डॉ. जितेंद्र जामदार, जस्टिस देवदत्त धर्माधिकारी, रिंकू विज, डॉ. माणिक पांसे, सदानंद गोडबोले, डॉ. संजय नागराज, प्रदीप दुबे तथा स्वदेश जबलपुर के संपादक दिनेश चंद्रराव द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

अभंगों ने बांधा समां

आमंत्रित कलाकारों ने “नाचतो गोपीजन वृंद वाजवी पावा गोविंद”, “माझे माहेर पंढरी, आहे भीमरेच्या तिरी” तथा संत तुकाराम महाराज के प्रसिद्ध अभंग “बोलावा विठ्ठल, पहावा विठ्ठल, करावा विठ्ठल जीवभाव” की प्रस्तुति देकर वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। इसके बाद “राजस सुकुमार मदनाचा पुतळा”, “इंद्रायणी काठी” और “खेळ मांडियेला” जैसे लोकप्रिय अभंगों ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।

धनश्री लेले के संचालन ने बांधा समां

कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन मराठी जगत की प्रसिद्ध विदुषी एवं वक्ता डॉ. धनश्री लेले ने किया। संगीत और संत साहित्य पर उनकी गहरी पकड़ तथा मधुर प्रस्तुति ने पूरे आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।

कलाकारों का किया गया सम्मान

मुख्य कलाकारों का स्वागत दत्त भजन मंडळ के अध्यक्ष विजय भावे, सचिव शरद आठले, रसरंग के सचिव अभय गोरे, अध्यक्ष विश्वास पाटणकर, संगीत समाज के सचिव डॉ. उमाशंकर शर्मा, कोषाध्यक्ष शशांक दातार, महाराष्ट्र शिक्षण मंडळ के सचिव प्रमोद पाठक, उपाध्यक्ष उदय परांजपे, रवि परांजपे, नितीन देसाई तथा अनिल मोघे एवं मनीष वैद्य द्वारा पुष्पगुच्छ, शॉल और श्रीफल भेंट कर किया गया।

वाद्ययंत्रों की संगत ने बढ़ाई प्रस्तुति की गरिमा

कार्यक्रम में प्रसाद पाध्ये, आदित्य ओक, अपूर्व द्रविड, सम्यक पाराशरी, प्रशांत राणे तथा सुभद्र मुंडे ने विभिन्न वाद्ययंत्रों पर उत्कृष्ट संगत देकर प्रस्तुतियों को और अधिक प्रभावशाली बना दिया।

बड़ी संख्या में पहुंचे संगीत प्रेमी

आयोजक संस्थाओं का परिचय अजय भालेराव ने कराया, जबकि मंच संचालन डॉ. विवेक कर्महे ने किया। कार्यक्रम में जस्टिस संजीव कालगांवकर, डॉ. कल्पना कर्महे, कैलाश गुप्ता, सेवानिवृत्त मेजर जनरल निश्चय राऊत, डॉ. स्वाती गोडबोले, डॉ. शिरीष नाईक, मराठी अकादमी के निदेशक संतोष गोडबोले, डॉ. गेयता व्यास, मोहिनी मोघे, डॉ. राजेश धीरावाणी, रेखा भालेराव, नीलांगी कलंत्रे, नेहा उपाध्याय, सुरेश पागे, राजेंद्र बर्वे, निरूपमा हर्षे सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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