
राकेश कुमार शर्मा
पन्ना। दक्षिण पन्ना वनमंडल के रैपुरा परिक्षेत्र में पदस्थ परिक्षेत्र सहायक श्रीमती रंजना नागर ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर पन्ना जिले को गौरवान्वित किया है। उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए WWF-India एवं प्रभा खेतान फाउंडेशन के प्रतिष्ठित ‘Machhli Award’ के लिए उनका चयन किया गया है। उन्हें 10 सितंबर 2026 को भोपाल में आयोजित समारोह में ₹50 हजार की पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।

वन अपराधों पर कार्रवाई से लेकर वन्यजीवों के रेस्क्यू तक
रंजना नागर ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभाई है। भालू के शिकार प्रकरण की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी में योगदान के साथ उन्होंने नीलगाय तथा 16 जंगली सूअरों के रेस्क्यू में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कुएं में गिरे तेंदुए और बछड़े के सफल बचाव, वनभूमि से अतिक्रमण हटाने तथा अवैध कटाई सहित अन्य वन अपराधों की रोकथाम में भी उनका योगदान रहा है। नियमित रात्रि एवं मानसून गश्त के दौरान बागड़, विद्युत लाइनों और जलस्रोतों की निगरानी भी उनके दायित्वों का अहम हिस्सा रही।

ग्रामीणों को जोड़ा, पालतू वन्यजीवों को दिलाई आजादी
वन संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए उन्होंने ग्राम वन समितियों की बैठकों और चरवाहा सम्मेलनों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया। सर्पदंश से बचाव के लिए मच्छरदानी, टॉर्च, स्नेक कार्ड और सांप-सीढ़ी जागरूकता सामग्री का वितरण भी कराया गया। ‘ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप’ के तहत संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल गश्त तथा ‘फ्री मिट्ठू, फ्री किट्टू’ अभियान के जरिए पालतू बनाए गए तोतों और कछुओं को मुक्त कर उनके प्राकृतिक आवास में पहुंचाने में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई।
उनके समर्पित कार्यों के लिए पूर्व में जिला स्तर पर भी प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड से सम्मानित किया जा चुका है। ‘Machhli Award’ के लिए चयन को दक्षिण पन्ना वनमंडल के साथ पूरे पन्ना जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।